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उद्यम व्यापार के इस्त्री प्रोजेक्ट से देशभर के इस्त्रीवालों की आय में 100 करोड़ की बढ़ोतरी

 

आगरा, 08 अक्टूबर 2025। उद्यम व्यापार ने आज एक उल्लेखनीय उपलब्धि की घोषणा की है, इनके इस्त्री प्रोजेक्ट ने सितम्बर 2025 तक देश भर में इस्त्री करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को कुल आय में रु 100 करोड़ की बढ़ोतरी के लिए सक्षम बनाया है। इस अवसर पर कृष्णन रंगनाथन, सह-संस्थापक, उद्यम लर्निंग फाउन्डेशन ने कहा, ‘‘उद्यम में हमारा मानना है कि नैनो-उद्यमी भारत की अर्थव्यवस्था का आधार हैं, अगर इन्हें सही सहयोग मिले तो ये बड़ी आबादी के जीवन में सुधार ला सकते हैं। इस्त्री प्रोजेक्ट के साथ रु 100 करोड़ का आंकड़ा पार करना न सिर्फ हमारे लिए बल्कि हज़ारों वेंडर्स के लिए भी गौरव की बात है, जिन्होंने इस बदलाव को अपनाया है। यह दर्शाता है कि किस तरह स्थानीय आजीविका के समाधान राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव उत्पन्न कर, आय, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणी परिणामों में सुधार ला सकते हैं।’
    सायरिल जोसेफ़ प्रोग्राम हैड, इस्त्री प्रोजेक्ट, उद्यम व्यापार ने कहा, ‘‘यह उपलब्धि उन हज़ारों वेंडर्स से जुड़ी है, जिन्होंने हम पर भरोसा किया और कोयले को छोड़कर एलपीजी को अपनाया। उन्होंने महसूस किया है कि वे किस तरह अपने कारोबार में बदलाव ला सकते हैं। इस्त्री प्रोजेक्ट की शुरूआत एक सरल विचार के साथ हुई थी, स्ट्रीट वेंडर्स को उनकी उत्पादकता बढ़ाने एवं ईंधन की लागत में सुधार लाने के लिए मदद करना। आज यह एक आंदोलन बन चुका है और उनकी आजीविका के साथ-साथ पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न कर रहा है।’
    इस्त्री प्रोजेक्ट गलियों में इस्त्री करने वालों को कोयले के बजाए रियायती दरों पर एलपीजी आधारित आयरन बॉक्स उपलब्ध कराकर सदियों पुरानी इस्त्री उद्योग में बदलाव लाया है। इस इनोवेशन के चलते इन स्ट्रीट वेंडर्स की ईंधन की लागत कम होकर तकरीबन आधी हो गई है और उनकी उत्पादकता भी दिन में 2 घण्टे तक बढ़ गई है। इस तरह न सिर्फ वे अधिक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर पाते हैं बल्कि उनकी कमाई भी बढ़ जाती है। कोयले के बजाए एलपीजी की इस्त्री इस्तेमाल कर वे स्वच्छ ईंधन को अपना रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर भी प्रभाव कम हुआ है।
    पिछले 4 सालों में उद्यम व्यापार ने ‘इस्त्री प्रोजेक्ट’ को 1 शहर से बढ़ाकर 5 शहरों में विस्तारित कर लिया है, तथा 8000 से अधिक वेंडर्स को एलपीजी आयरन बॉक्स अपनाने में मदद की है। इससे उनकी कमाई 25 फीसदी बढ़ी है, साथ ही कार्बन डाई ऑक्साईड के उत्सर्जन में भी सालाना 6000 टन से अधिक की कमी आई है।
    रु 100 करोड़ की इस उपलब्धि के साथ उद्यम व्यापार अब इस प्रोजेक्ट को और आगे बढ़ाने तथा देश भर के इस्त्री वेंडर्स को सशक्त बनाने के लिए उत्साहित है। उद्यम का उद्देश्य अगले दशक में भारत को कोयले वाली इस्त्री से मुक्त करना है। इसी दृष्टिकोण को साकार करने के लिए संगठन अपने जैसी सोच वाले साझेदारों, समाज प्रभाव संगठनों, परोपकारी संगठनों, सीएसआर और सरकार के साथ हाथ मिला रहा है।

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