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आरजीसीआईआरसी एवं मथुरा ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी ने ऑन्कोलॉजी सीएमई का आयोजन किया



ओवेरियन कैंसर के शल्य चिकित्सा प्रबंधन और शीघ्र पहचान पर दिया गया जोर

मथुरा 12 जून 2026। आरजीसीआईआरसी (राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर) ने मथुरा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी (MOGS) के सहयोग से 11 जून, 2026 को होटल बृजवासी लैंड्स इन, मथुरा में एक ऑन्कोलॉजी कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम में क्षेत्र के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों तथा अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों ने भाग लिया और कैंसर प्रबंधन की विकसित होती रणनीतियों तथा बेहतर उपचार परिणामों के लिए समय रहते कैंसर की पहचान के महत्व पर चर्चा की।
    यह सीएमई समकालीन ऑन्कोलॉजी प्रथाओं पर ज्ञान-विनिमय का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जिसमें विशेष रूप से ओवेरियन कैंसर के शल्य चिकित्सा प्रबंधन और प्राथमिक स्तर पर कैंसर की पहचान के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में समय पर निदान, बहु-विषयक सहयोग तथा प्रभावी कैंसर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त रेफरल प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
    “सर्जिकल मैनेजमेंट ऑफ ओवेरियन कैंसर” विषय पर अपने व्याख्यान में डॉ. रेनुका गुप्ता, सिनियर कंसल्टेंट एंड यूनिट हेड, गायनी ऑन्कोलॉजी यूनिट-2, आरजीसीआईआरसी, ने ओवेरियन कैंसर के निदान और उपचार के वर्तमान दृष्टिकोणों पर चर्चा की। उन्होंने रोगियों के बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करने में सर्जरी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लक्षणों की शीघ्र पहचान, सही स्टेजिंग और व्यापक शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप दीर्घकालिक जीवित रहने की संभावना को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    इस अवसर पर डॉ. गुप्ता ने कहा, “ओवेरियन कैंसर का निदान अक्सर उन्नत अवस्था में होता है क्योंकि इसके लक्षण सामान्य और अस्पष्ट हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। समय पर जांच, उचित रेफरल और सटीक शल्य चिकित्सा प्रबंधन इसके प्रभावी उपचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और बहु-विषयक उपचार दृष्टिकोण के माध्यम से रोगियों के उपचार परिणामों और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव हुआ है।”
    उन्होंने यह भी कहा कि स्त्री रोग विशेषज्ञों, सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट के बीच समन्वित सहयोग रोगी-केंद्रित उपचार योजना और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
    कार्यक्रम का दूसरा सत्र “कैचिंग कैंसर इन क्लीनिक्स” विषय पर डॉ. कपिल गोयल, कंसल्टेंट – मेडिकल ऑन्कोलॉजी, आरजीसीआईआरसी, नीति बाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कैंसर के शुरुआती संकेतों की पहचान करने और समय पर विशेषज्ञों के पास रेफर करने में अग्रिम पंक्ति के चिकित्सकों, विशेष रूप से स्त्री रोग विशेषज्ञों और सामान्य चिकित्सकों, की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
    डॉ. गोयल ने उन सामान्य लक्षणों पर चर्चा की जो किसी अंतर्निहित कैंसर का संकेत हो सकते हैं, लेकिन जिन्हें अक्सर सामान्य या सौम्य रोगों से जोड़कर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शुरुआती स्तर पर संदेह और समय पर जांच रोगियों के उपचार परिणामों तथा जीवित रहने की संभावना को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
    अपने संबोधन में डॉ. गोयल ने कहा, “कई प्रकार के कैंसर शुरुआती चरणों में बहुत हल्के और अस्पष्ट लक्षणों के साथ सामने आते हैं। मरीज से सबसे पहले संपर्क में आने वाले चिकित्सक इन संकेतों को पहचानने और समय पर रेफरल सुनिश्चित करने की सबसे महत्वपूर्ण स्थिति में होते हैं। शीघ्र निदान आज भी कैंसर से होने वाले नुकसान को कम करने और बेहतर उपचार परिणाम प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”
    इस सीएमई में मथुरा और आसपास के क्षेत्रों से आए स्वास्थ्य पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान रेफरल प्रणाली, बहु-विषयक कैंसर प्रबंधन तथा प्रारंभिक निदान से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर सार्थक चर्चा हुई। इंटरैक्टिव सत्रों ने प्रतिभागियों को अपने नैदानिक अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान किया और विशेषज्ञों तथा प्राथमिक स्तर के चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया।
    आरजीसीआईआरसी और एमओजीएस ने सतत चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य पेशेवरों को ऑन्कोलॉजी के नवीनतम विकास से अवगत कराने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। इस प्रकार की शैक्षणिक पहल जागरूकता बढ़ाने, नैदानिक निर्णय क्षमता को मजबूत करने और सामुदायिक स्तर पर कैंसर देखभाल की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
    एथिक्स, एम्पैथी और एक्सीलेंस के अपने मूल मूल्यों से प्रेरित आरजीसीआईआरसी देशभर में कैंसर जागरूकता, शैक्षणिक सहयोग और स्वास्थ्य पेशेवरों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, ताकि कैंसर रोगियों को समय पर और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

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