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होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने उत्तर प्रदेश के आगरा में सुरक्षित भविष्य गढ़ने के लिए सड़क सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया



  • 100 से अधिक स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों ने सड़क सुरक्षा सम्मेलन में भाग लिया

आगरा 15 फरवरी 2026। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने उत्तर प्रदेश के आगरा में सड़क सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक स्कूलों के प्रिंसिपल और शिक्षकों ने भाग लिया। यह पहल एचएमएसआई की चल रही परियोजना “माइंडसेट डेवलपमेंट फॉर आवर फ्यूचर जेनरेशन” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षित सड़क आदतों को विकसित करना और उन्हें जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
    सम्मेलन की गरिमा बढ़ाने वाले विशिष्ट अतिथि में शामिल थे श्री आलोक अग्रवाल (पी.सी.एस., सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, आगरा), श्री जितेंद्र कुमार गौड़, डिस्ट्रिक्ट बेसिक एजुकेशन अफसर (बेसिक शिक्षा अधिकारी) श्री दुश्यंत के राणा (ट्रैफिक इंस्पेक्टर, आगरा), श्री शिशिर चतुर्वेदी (जनरल मैनेजर सेफ़्टी राइडिंग, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया) और श्री नितिन पवार (जनरल मैनेजर एक्सटर्नल अफेयर्स, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया)। 
    सत्रों के दौरान शिक्षकों को किड्स’ माइंडसेट चेंज अवेयरनेस मॉड्यूल्स से परिचित कराया गया, जिन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि वे छात्रों में सुरक्षित सड़क आदतें विकसित कर सकें। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्कूलों को प्रोत्साहित करना है कि वे इन मॉड्यूल्स को अपने पाठ्यक्रम में शामिल करें और सक्रिय रूप से सड़क सुरक्षा शिक्षा को बढ़ावा दें। एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से स्कूलों को इन मॉड्यूल्स तक लगातार पहुँच मिलेगी, जिन्हें नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा ताकि छात्रों को सुरक्षित सड़क व्यवहार पर निरंतर और नवीनतम मार्गदर्शन मिलता रहे। लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए, स्कूल चाहें तो सत्रों को लाइव-स्ट्रीम कर सकते हैं या बाद में उपयोग के लिए डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ये मॉड्यूल्स कई भाषाओं में उपलब्ध हैं ताकि विविध छात्र समुदायों की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके।
    अब तक, एचएमएसआई ने पूरे भारत में सफलतापूर्वक 23 सड़क सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किए हैं, जिनके माध्यम से 2800 से अधिक स्कूलों तक पहुँचा गया और 11 लाख से अधिक छात्रों को जागरूक किया गया। इस व्यापक पहुँच को आगे बढ़ाते हुए, एचएमएसआई का लक्ष्य है कि इस वर्ष कार्यक्रम का विस्तार किया जाए ताकि देशभर के और अधिक स्कूलों और समुदायों तक पहुँचा जा सके। प्रिंसिपल और शिक्षकों को सीधे शामिल करके कंपनी यह सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा का संदेश कक्षाओं के माध्यम से कई गुना बढ़े, जिससे अंततः परिवारों और पूरे समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
    एचएमएसआई के वैश्विक सुरक्षा नारे ‘Safety for Everyone’ से प्रेरित होकर होंडा जिम्मेदार सड़क उपयोगकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार करने पर केंद्रित है। सम्मेलन का उद्देश्य सड़क सुरक्षा शिक्षा की पहल को और व्यापक बनाना है, ताकि छात्रों में कम उम्र से ही सुरक्षित व्यवहार की संस्कृति विकसित हो सके। शिक्षकों, प्रशासकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर सहयोग के माध्यम से कंपनी अपने मिशन को मजबूत करती जा रही है जिसका लक्ष्य है कि सड़क सुरक्षा भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए एक साझा जिम्मेदारी और जीवनशैली बन जाए।

रोड सेफ्टी को लेकर होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया की सीएसआर प्रतिबद्धता:

2021 में, होंडा ने वर्ष 2050 के लिए अपने वैश्विक विज़न की घोषणा की, जिसके तहत होंडा का लक्ष्य अपने मोटरसाइकिल और ऑटोमोबाइल से जुड़े सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु को शून्य तक लाना है। भारत में, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) इसी वैश्विक विज़न के अनुरूप तथा भारत सरकार के उस लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50% तक कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
    इस लक्ष्य को हासिल करने का एक अहम पहलू है कि वर्ष 2030 तक हमारे बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जाए और उसके बाद भी उन्हें लगातार शिक्षित किया जाता रहे। स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा शिक्षा केवल जागरूकता पैदा करने के लिए नहीं है, बल्कि युवाओं के मन में सुरक्षा संस्कृति स्थापित करने और उन्हें सड़क सुरक्षा के राजदूत बनाने के लिए है। यह शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की शक्ति देती है और उन्हें एक सुरक्षित समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
    एचएमएसआई एक ऐसी कंपनी बनने का प्रयास कर रही है जिसे समाज अपने अस्तित्व के लिए आवश्यक समझे। इसी दृष्टिकोण के साथ कंपनी लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता फैलाने के प्रयासों को और मजबूत कर रही है, ताकि समुदाय के हर वर्ग तक इसका संदेश पहुँचे। इसकी पहलें इस तरह डिज़ाइन की गई हैं कि वे विविध समूहों को जोड़ सकें स्कूल के बच्चों से लेकर कॉर्पोरेट जगत और आम जनता तक और प्रत्येक वर्ग के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए प्रभावशाली कार्यक्रमों के माध्यम से सड़क सुरक्षा को जीवन का हिस्सा बना सकें।
    एचएमएसआई के कुशल सुरक्षा प्रशिक्षक देशभर में सड़क सुरक्षा शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए प्रतिदिन कार्यक्रम आयोजित करते हैं। ये पहलें भारत के 10 अपनाए गए ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क (TTP) और 6 सेफ़्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटर (SDEC) में संचालित की जाती हैं। इस प्रयास से अब तक 10 मिलियन से अधिक भारतीयों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुँच चुका है।
    वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया लर्निंग मॉड्यूल: होंडा के कुशल प्रशिक्षक सड़क सुरक्षा शिक्षा की नींव रखते हैं। इसके तहत वे छात्रों को थ्योरी सेशन्स के माध्यम से सड़क संकेतों और मार्किंग्स की जानकारी देते हैं, चालक की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हैं, राइडिंग गियर और सही बैठने की मुद्रा समझाते हैं तथा सुरक्षित राइडिंग शिष्टाचार सिखाते हैं। इस मॉड्यूल का उद्देश्य है कि प्रतिभागी सड़क पर न केवल नियमों का पालन करें बल्कि जिम्मेदार और सुरक्षित व्यवहार को अपनी आदत बना लें।
    व्यावहारिक सीख: होंडा के वर्चुअल राइडिंग सिम्युलेटर पर विशेष प्रशिक्षण गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने वास्तविक सवारी से पहले सड़क पर आने वाले 100 से अधिक संभावित खतरों का अनुभव किया। इंटरैक्टिव सत्र: प्रतिभागियों को किकेन योसोकू ट्रेनिंग (KYT) के माध्यम से खतरे की भविष्यवाणी का प्रशिक्षण दिया गया। यह तकनीक राइडर/ड्राइवर की खतरे के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाती है और सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार सुनिश्चित करती है। मौजूदा चालकों के लिए कौशल निखारना: वे छात्र और स्कूल स्टाफ सदस्य जो पहले से ही राइडर हैं, उन्होंने स्लो राइडिंग गतिविधियों और संकरी पट्टियों पर सवारी के माध्यम से अपनी राइडिंग स्किल्स का परीक्षण और सुधार किया।
    एचएमएसआई ने हाल ही में अपना अभिनव डिजिटल रोड सेफ्टी लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म ई-गुरुकुल लॉन्च किया है। यह प्लेटफ़ॉर्म 5 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक के तीन अलग-अलग आयु वर्गों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए प्रशिक्षण मॉड्यूल प्रदान करता है, जिससे सड़क सुरक्षा शिक्षा का व्यापक दृष्टिकोण सुनिश्चित होता है। वर्तमान में ये मॉड्यूल कन्नड़, मलयालम, हिंदी, तेलुगु, तमिल और अंग्रेज़ी जैसी कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, ताकि क्षेत्रीय प्रासंगिकता और समावेशिता बनी रहे। ई-गुरुकुल को https://elearning.honda.hmsi.in/ पर एक्सेस किया जा सकता है। यह प्लेटफ़ॉर्म लाइव स्ट्रीमिंग और डाउनलोडिंग दोनों विकल्पों के साथ बहुभाषी मॉड्यूल प्रदान करता है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में इसकी पहुँच आसान हो जाती है। ई-गुरुकुल का लॉन्च एचएमएसआई के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों, शिक्षकों और डीलरों को सुरक्षित सड़क व्यवहार अपनाने और उसे आगे बढ़ाने के लिए सशक्त बनाना है। यह पहल जल्द ही देश के हर राज्य के स्कूलों तक विस्तारित की जाएगी, जहाँ अलग-अलग आयु वर्गों के अनुरूप सड़क सुरक्षा शिक्षा दी जाएगी। कोई भी स्कूल इस जानकारी को प्राप्त करने के लिए Safety.riding@honda.hmsi.in पर संपर्क कर सकता है।

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