- ट्रूकॉलर की आंतरिक रिपोर्ट बड़े पैमाने पर ठगी के प्रयासों को रोकने को उजागर करती है, जिससे उपभोक्ताओं का समय और पैसा दोनों बचा
- पूरी रिपोर्ट का डाउनलोड संस्करण देखने के लिए, कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: https://tclr.se/indiainsights2025
आगरा 13 फरवरी 2026। 2025 में भारत में लोगों को 4,000 करोड़ से ज़्यादा स्पैम कॉल आए, जो धोखाधड़ी, परेशानी और डिजिटल जोखिम के बढ़ते खतरे को दिखाते हैं। भारत में हर फ़ोन कॉल का अपना महत्व होता है—यह अवसरों के द्वार खोल सकती है, ज़रूरी जानकारी पहुँचा सकती है या लोगों को गंभीर खतरे में भी डाल सकती है। जैसे-जैसे देश विकसित भारत के लक्ष्य के तहत तेज़ी से डिजिटल और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे संचार पर भरोसा प्रगति की एक अहम नींव बन गया है।
ट्रूकॉलर की नई रिपोर्ट बताती है कि इनमें से 1,189 करोड़ अनचाही कॉल उपयोगकर्ताओं तक पहुँचने से पहले ही ब्लॉक कर दी गईं। इससे लाखों लोगों को ठगी, समय की बर्बादी और बेवजह के तनाव से बचाया जा सका, खासकर ऐसे समय में जब देश की अर्थव्यवस्था तेज़ी से डिजिटल रूप से जुड़ रही है। देश में 100 करोड़ से ज़्यादा सक्रिय फोन कनेक्शन हैं, जो व्यापार, शासन और व्यक्तिगत रिश्तों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में ट्रूकॉलर ने आज अपनी 2025 इंडिया इनसाइट्स रिपोर्ट जारी की है, जो डेटा के ज़रिए यह दिखाती है कि स्पैम और धोखाधड़ी देश के संचार के माहौल को कैसे बदल रहे हैं और टेक्नोलॉजी हर दिन करोड़ों लोगों की सुरक्षा कैसे कर रही है।
यह रिपोर्ट 2025 के दौरान लिए गए इन निर्णयों के प्रभाव को सामने लाती है, साथ ही डिजिटल जोखिम के व्यापक स्तर और उससे बचाव के बढ़ते महत्व को भी स्पष्ट करती है। ऐसे देश में जहाँ कनेक्टिविटी हर स्तर पर अवसरों को आगे बढ़ा रही है, वहाँ भरोसा हमारी सबसे कीमती डिजिटल संपत्ति बन गया है,” ट्रूकॉलर के सीईओ रिशित झुनझुनवाला ने कहा। “आज धोखाधड़ी सिर्फ एक तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि एक मानवीय समस्या भी है। यह उन पलों में डर, जल्दबाज़ी और अनिश्चितता का फायदा उठाती है जो सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं। हमारी ज़िम्मेदारी है कि किसी भी भारतीय को जुड़े रहने और सुरक्षित रहने के बीच चुनाव न करना पड़े। ट्रूकॉलर में हमारा फोकस बिल्कुल साफ है—लोगों को सुरक्षित रखते हुए जुड़ा रहने में मदद करना और नुकसान होने से पहले ही जोखिम को रोकना।”
2025 में संचार से जुड़े जोखिम का पैमाना
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत भर में ट्रूकॉलर ने 4,168 करोड़ से ज़्यादा स्पैम कॉल की पहचान की, जो परेशान करने वाले और संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाले संचार के बड़े स्तर को दिखाता है। इनमें से 1,189 करोड़ अनचाही कॉल ट्रूकॉलर यूज़र्स द्वारा ब्लॉक कर दी गईं। इसके अलावा, 770 करोड़ फर्जी कॉल का पता लगाया गया, जिनमें से कई बैंक, सरकारी विभागों, पेमेंट प्लेटफ़ॉर्म और जाने-माने ब्रांड्स की नकल करके किए गए थे।
स्पैम मैसेजिंग भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। वर्ष के दौरान 12,903 करोड़ से अधिक स्पैम एसएमएस की पहचान की गई, जिनकी संख्या 2025 की दूसरी छमाही में तेज़ी से बढ़ी। जब वैध अलर्ट और धोखाधड़ी वाले संदेश एक ही डिजिटल स्पेस में मौजूद होते जा रहे हैं, तो उपयोगकर्ताओं को तेजी से और कहीं अधिक जटिल फैसले लेने पड़ रहे हैं,जिससे छोटी-सी चूक की कीमत भी भारी पड़ सकती है। ये आंकड़े सिर्फ़ कामकाजी आँकड़े नहीं हैं। ये उन अरबों पलों को दिखाते हैं जहाँ रुकावट, भ्रम और खतरे की संभावना थी—और उन अरबों पलों को भी, जहाँ नुकसान होने से पहले ही उसे रोक लिया गया।
समय, ध्यान और भरोसे की सुरक्षा
पहचानी गई कुल स्पैम गतिविधियों में से, कम्युनिटी रिपोर्टिंग की मदद से 1,189 करोड़ कॉल यूज़र्स तक पहुँचने से पहले ही रोक दी गईं। एक स्पैम कॉल की औसत अवधि 1.8 मिनट मानें तो इसका मतलब है कि भारतीय हर दिन लगभग 21.7 लाख घंटे का समय बर्बाद होने से बचा पाए, और हर हफ्ते 1.5 करोड़ घंटे से भी ज़्यादा समय की बचत हुई। हर दिन, ट्रूकॉलर की वजह से लोगों का जो कुल समय बचता है, वह इंसान के जीवन के लगभग 250 साल के बराबर है। समय की बचत के अलावा, यह सुरक्षा लोगों का फोकस बनाए रखने, तनाव कम करने और जल्दबाज़ी में लिए जाने वाले उन फैसलों से बचाने में मदद करती है, जो अक्सर आर्थिक नुकसान का कारण बनते हैं। स्पैम को ब्लॉक करना सिर्फ़ सहूलियत की बात नहीं है—यह लोगों के डिजिटल लेन-देन और संवाद पर उनके भरोसे की रक्षा करने के बारे में है।
रिपोर्ट में कई स्कैम के तरीकों के बारे में बताया गया है, जिनके 2026 में और ज़्यादा बढ़ने की उम्मीद है। इनमें पहचान सत्यापन के नाम पर की जाने वाली ठगी, जानी-पहचानी संस्थाओं का इस्तेमाल करके नकल करना, मैसेज और कॉल को मिलाकर की जाने वाली बहु-स्तरीय ठगी, एआई से बनाए गये वॉइस मैसेज, और स्कैम का तीसरे पक्ष के मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म पर शिफ्ट होना शामिल है।
जैसे-जैसे ये ख़तरे विकसित होते जा रहे हैं, भरोसा अब केवल किसी एक संकेत पर नहीं, बल्कि व्यवहारिक संदर्भ, कम्युनिटी रिपोर्टिंग और दीर्घकालिक गतिविधि पैटर्न पर अधिक निर्भर करेगा।
ट्रूकॉलर उपयोगकर्ताओं से लगातार सतर्क रहने, तात्कालिक अनुरोधों की पुष्टि करने, संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचने और भरोसेमंद पहचान उपकरणों पर निर्भर रहने की अपील करता है।
नोट्स और कार्यप्रणाली
इस रिपोर्ट में शामिल डेटा 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के बीच भारत में ट्रूकॉलर उपयोगकर्ताओं से प्राप्त मेटा डेटा और स्पैम पहचान संकेतों के आधार पर, पूरी तरह से गुमनाम रूप में एकत्र किया गया है। इस अवधि के दौरान 4,168 करोड़ से अधिक कॉल और 12,903 करोड़ स्पैम संदेशों की पहचान की गई। स्पैम ब्लॉकिंग ट्रूकॉलर उपयोगकर्ताओं द्वारा की गई सक्रिय कम्युनिटी रिपोर्टिंग पर आधारित है। ये इनसाइट्स डेटा में देखे गए पैटर्न को दर्शाती हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उभरते रुझानों की समझ देने के लिए प्रस्तुत की गई हैं। यह सभी स्पैम या धोखाधड़ी गतिविधियों का सटीक मापन नहीं हैं।
ट्रूकॉलर के बारे में
ट्रूकॉलर दुनिया भर में 45 करोड़ से ज़्यादा सक्रिय यूज़र्स के लिए रोज़मर्रा के संचार का एक अहम हिस्सा है। लॉन्च होने के बाद से इसे एक अरब से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है, और केवल 2025 में ही 68 अरब स्पैम और फर्जी कॉल की पहचान की गई। कंपनी का मुख्यालय स्टॉकहोम में स्थित है और अक्टूबर 2021 से यह नैस्डैक स्टॉकहोम पर सूचीबद्ध है।
ज़्यादा जानकारी के लिए www.truecaller.com पर जाएं।

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