आगरा, 30 अक्टूबर 2025। उत्तर प्रदेश में माइक्रोफाइनेंस युवा परिवारों की दैनिक जरूरतें पूरी करने, छोटे व्यवसायों में निवेश करने और एक बेहतर भविष्य की योजना बनाने में मदद करते हुए उनका जीवन बदल रहा है। इस पूरे राज्य में युवा दंपत्ति और परिवार उन अवसरों का लाभ उठाने के लिए तेजी से छोटे ऋण ले रहे हैं जिसकी कुछ साल पहले कल्पना करना तक संभव नहीं था। एक स्थानीय बाजार में छोटी दुकान शुरू करने से लेकर घर से कारोबार चलाने के लिए उपकरण करने तक में ये ऋण वित्तीय स्वतंत्रता का मार्ग उपलब्ध करा रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने इस बदलाव में सहयोग प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। युवा उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाली मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और छोटे व्यवसाय के लिए ऋणों की पेशकश करने वाली प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी स्कीमों ने पहली बार ऋण लेने वालों के लिए एक सुरक्षा जाल तैयार किया है। इन कार्यक्रमों के जरिए कई युवा परिवार अपनी तत्काल जरूरतें पूरी कर रहे हैं और ऋण इतिहास का निर्माण कर रहे हैं जिससे लंबी अवधि में उन्हें मदद मिलेगी।
डीजेटी माइक्रोफाइनेंस के मुख्य परिचालन अधिकारी अविनाश कुमार ने कहा “उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में माइक्रोफाइनेंस अब सिर्फ ऋण देने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं और परिवारों को सशक्त बनाने, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी साधन बन गया है। डीजेटी माइक्रोफाइनेंस में हम एक सरल और भरोसेमंद मॉडल के जरिए पहली बार ऋण लेने वालों तक पहुँच बना रहे हैं, जिससे युवा परिवार छोटे लेकिन सार्थक वित्तीय कदम उठाकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं, कारोबार शुरू कर रहे हैं और एक सुरक्षित भविष्य की नींव रख रहे हैं। हमारा मानना है कि माइक्रोफाइनेंस केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि समुदायों में विश्वास और सहयोग की संस्कृति को सशक्त करने का माध्यम है।”
कोहरपुर बिजनौर की रहने वाली रूबी ने कहा, “मेरा परिवार हमेशा से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना करता आया है। एक दिन, मुझे डी़जेटी माइक्रोफाइनेंस कंपनी के बारे में पता चला। मुझे लगा कि यह मेरे लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है। मैंने डी़जेटी माइक्रोफाइनेंस कंपनी से संपर्क किया और पहला लोन लिया। मेरे लिए यह एक नई शुरुआत थी । मैंने इस पैसे का उपयोग अपने छोटे से व्यवसाय (मूड़ाबनाने) को शुरू करने के लिए किया ।आज, मैं अपने परिवार का पालन-पोषण अपने व्यवसाय से कर रही हूं।”
नाबार्ड के सहयोग से सा-धन द्वारा तैयार दि भारत माइक्रोफाइनेंस रिपोर्ट 2024 के आंकड़े बताते हैं कि माइक्रोफाइनेंस पूरे भारत में तेजी से बढ़ रहा है। बिहार जैसे राज्यों ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है जिसका लोन एकाउंट मार्च, 2023 से मार्च, 2024 तक साल दर साल 22 प्रतिशत की दर से बढ़ा। उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह का रुख रहा जहां युवा लोगों की बड़ी आबादी आर्थिक अवसर तलाश रही है। इससे यह पता चलता है कि जब बात आजीविका सुधारने की हो तो छोटे ऋणों का भी बड़ा प्रभाव हो सकता है।
इस राज्य में कई परिवारों के लिए ये ऋण महज पैसे से कहीं अधिक होते हैं और ये बड़े सपने देखने का एक मौका हैं। जहां युवा महिलाएं सिलाई-कढ़ाई या खानपान का व्यवसाय शुरू करने माइक्रोफाइनेंस का उपयोग कर रही हैं, वहीं पुरुष छोटे कृषि उपक्रमों या स्थानीय स्तर पर दुकान खोलने में निवेश कर रहे हैं। परिवार इन ऋणों का इस्तेमाल अपने घरों को सुधारने, शिक्षा में खर्च करने या इलाज के खर्च के लिए कर रहे हैं। सरकारी सहायता और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के मेल से युवा परिवारों के लिए अपना वित्तीय भविष्य अपने हाथ में लेना संभव हो रहा है।
माइक्रोफाइनेंस उत्तर प्रदेश में एक शांत क्रांति साबित हो रहा है। युवा परिवारों को छोटे, लेकिन सार्थक वित्तीय कदम उठाने के लिए सशक्त बनाकर यह एक ऐसी पीढ़ी तैयार करने में मदद कर रहा है जो ना केवल आत्मनिर्भर हो, बल्कि आने वाले समय को लेकर आशावादी भी हो।

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