BREAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

नमक का अत्यधिक सेवन गुर्दे की विफलता का खतरा बढ़ा सकता है



कानपुर 24 मार्च 2026। हाई सॉल्ट इनटेक का मतलब है रोजाना 5 ग्राम से ज्यादा नमक का सेवन (लगभग 2000 mg सोडियम प्रतिदिन)। WHO के अनुसार, एक दिन में 5 ग्राम से कम नमक लेना चाहिए, जबकि आदर्श मात्रा 1500 mg सोडियम प्रतिदिन मानी जाती है। ज्यादा नमक वाले फूड्स में प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड, क्यूर्ड मीट, सोया सॉस, कंडिमेंट्स, रेस्टोरेंट का खाना, पोटैटो चिप्स आदि शामिल हैं।
    मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के नेफ्रोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट मेडिसिन विभाग की प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. अल्का भसीन ने बताया “स्वस्थ किडनी हमारे शरीर में सोडियम, पोटैशियम और फ्लूइड बैलेंस को नियंत्रित करने के लिए बनी होती है। जब हम ज्यादा नमक खाते हैं, तो किडनी के सेंसर इसे पहचान लेते हैं और अतिरिक्त नमक को यूरिन के जरिए बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू करते हैं। लेकिन जब किडनी में बीमारी होती है, तो यह प्रक्रिया सही तरह से काम नहीं कर पाती। इससे शरीर में नमक जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और स्ट्रोक, हार्ट डिजीज और पैरों में सूजन (एडिमा) का खतरा बढ़ जाता है।“
    हालांकि नमक का सेवन सामान्य ब्लड प्रेशर बनाए रखने और शरीर के संतुलन के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा कई गंभीर हार्ट और किडनी से जुड़ी बीमारियों का बड़ा कारण बन सकती है। डॉ. अल्का ने आगे बताया “अधिक नमक किडनी को नुकसान पहुंचाता है क्योंकि इससे किडनी के नाजुक फिल्टर्स पर लगातार दबाव बढ़ता है। इससे ग्लोमेरुलर प्रेशर बढ़ता है और धीरे-धीरे किडनी फेलियर का खतरा पैदा होता है। ऐसी डाइट से यूरिन में प्रोटीन का लीकेज (झागदार पेशाब), पैरों में सूजन और किडनी स्टोन बनने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए किडनी की बीमारियों से बचाव के लिए नमक का सेवन नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।“
    तो आप क्या कर सकते हैं? अपने नमक के सेवन को कम करने की कोशिश करें। फूड पैकेट के लेबल ध्यान से पढ़ें और रोजाना एक चम्मच (लेवल्ड टीस्पून) या उससे कम नमक का लक्ष्य रखें। खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नमक की जगह हर्ब्स और मसालों का इस्तेमाल करें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ