BREAKING NEWS

6/recent/ticker-posts

अलीगढ़ में यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की न्यूरोसर्जरी (मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी) ओपीडी का सफल आरंभ, मरीजों को मिला विशेषज्ञ परामर्श का लाभ



अलीगढ़ 26 मार्च 2026। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा द्वारा अलीगढ़ में 25/03/26 को न्यूरोसर्जरी (मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी) ओपीडी का आरंभ किया गया। इस पहल के माध्यम से अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उनके शहर में ही उन्नत सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं, जिसे स्थानीय लोगों द्वारा अत्यंत सराहा गया।
    यह विशेष ओपीडी वेद हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, खैर बाईपास रोड, अलीगढ़ में आयोजित की गई, जहां सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक बड़ी संख्या में मरीजों ने भाग लिया और विशेषज्ञ परामर्श का लाभ उठाया। इस ओपीडी में यथार्थ हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन व स्पाइन स्पेशलिस्ट डॉ. राहुल शर्मा से बड़ी संख्या में मरीजों ने परामर्श लिया। उन्होंने मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी से संबंधित विभिन्न जटिल समस्याओं के लिए विस्तृत जांच, सलाह और आगे के उपचार हेतु मरीजों को मार्गदर्शन दिया।
    ओपीडी के दौरान स्लिप डिस्क प्रोलैप्स, नर्व कंप्रेशन, नसों से संबंधित दर्द (साइटिका/सर्वाइकल), ब्रेन ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर, ब्रेन एवं स्पाइन की चोट (ट्रॉमा), माइग्रेन एवं सिरदर्द, ब्रेन हेमरेज, स्ट्रोक (लकवा), मिर्गी और मेमोरी लॉस (डिमेंशिया) जैसी समस्याओं से ग्रसित मरीजों ने विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त किया। साथ ही शरीर में दर्द (फाइब्रोमायल्जिया) और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के लिए भी मरीजों को उचित दिशा-निर्देश दिए गए।
    इस अवसर पर डॉ. राहुल शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोसर्जरी एवं प्रमुख – MISS एवं पेन मॉड्यूलेशन ने कहा,“मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से संबंधित बीमारियों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन सही समय पर पहचान और उपचार से इनका प्रभावी प्रबंधन संभव है। अलीगढ़ में इस ओपीडी के माध्यम से मरीजों को उनके शहर में ही विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराना हमारे लिए अत्यंत संतोषजनक है।”
    इस अवसर पर वेद हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर के ऑर्थोपेडिक्स एवं स्पाइन सर्जन डॉ. अंकुर अग्रवाल (फेलोशिप इन आर्थ्रोप्लास्टी, ट्रॉमा, आर्थ्रोस्कोपी, जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं स्पाइन सर्जरी) ने कहा,  "वेद हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर, अलीगढ़ में अब यथार्थ हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरो एवं स्पाइन सर्जन डॉ. राहुल शर्मा द्वारा प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे बुधवार को नियमित ओपीडी की जाएगी। यह अलीगढ़ के लोगों के लिए एक बड़ी सुविधा है, क्योंकि अब उन्हें न्यूरो एवं स्पाइन से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए एनसीआर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यहां एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी, ब्रेन ट्यूमर सहित सभी प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का उन्नत उपचार उपलब्ध है। "
    डॉ. सुनील बालियान, सीओओ एवं फैसिलिटी डायरेक्टर, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा ने कहा,“अलीगढ़ में आयोजित इस न्यूरोसर्जरी ओपीडी को जिस तरह का सकारात्मक प्रतिसाद मिला है, वह हमारे लिए अत्यंत उत्साहजनक है। हमारा उद्देश्य उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को हर क्षेत्र तक पहुंचाना है, और इस तरह की पहलें हमें उस लक्ष्य के और करीब लाती हैं। हम भविष्य में भी इस प्रकार के प्रयासों को निरंतर जारी रखेंगे।”
    हॉस्पिटल प्रबंधन ने यह भी घोषणा की है कि अलीगढ़ में यह न्यूरोसर्जरी ओपीडी अब प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे बुधवार को नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, जिससे क्षेत्र के मरीजों को निरंतर विशेषज्ञ परामर्श और उपचार की सुविधा मिलती रहे। इस ओपीडी को स्थानीय समुदाय से अत्यंत अच्छा प्रतिसाद मिला और मरीजों ने विशेषज्ञ परामर्श एवं सेवाओं की गुणवत्ता की सराहना की। यह पहल क्षेत्रीय स्तर पर उन्नत चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
    यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1(परी चौक के पास), ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश – 201315, भारत में स्थित एक अग्रणी स्वास्थ्य संस्थान है, जो न्यूरोसाइंसेज़ के क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करता है। अस्पताल में मस्तिष्क एवं स्पाइन सर्जरी के लिए उन्नत तकनीकों, मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (MISS), पेन मॉड्यूलेशन थेरेपी, न्यूरो-ट्रॉमा केयर, स्ट्रोक मैनेजमेंट और ब्रेन ट्यूमर के उपचार की आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही अस्पताल में रोबोटिक एवं इमेज-गाइडेड सर्जरी जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे जटिल सर्जरी अधिक सटीक, सुरक्षित और तेजी से रिकवरी के साथ संभव हो पाती है।
    यथार्थ ने हाल के वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को भी तेजी से अपनाया है। Rapid AI जैसी उन्नत तकनीकों के माध्यम से स्ट्रोक और अन्य न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों की त्वरित पहचान और निर्णय लेने में सहायता मिलती है, जिससे उपचार में देरी कम होती है और मरीजों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा रहें हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ